सफीपुर उन्नाव। क्षेत्र के कई गांवों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से करीब दो हजार बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। खेतों में पानी भरने से धान की फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। परेशान किसानों ने उपजिलाधिकारी फाल्गुनी सिंह को शिकायती पत्र देकर नाले की जेसीबी से तत्काल सफाई और खुदाई कराने की मांग की है।
बृजपालपुर गांव निवासी शिवलखन सिंह, रमेश यादव, जगतपाल, राजेश यादव, शिवराज समेत करीब आधा सैकड़ा किसानों ने एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि बृजपालपुर, मवई भान, मवई लाल और भैंसहरा गांवों की करीब दो हजार बीघा कृषि भूमि बारिश के पानी से जलमग्न है। इन गांवों के बीच से होकर गुजरने वाला जल निकासी नाला भैंसहरा, निहालपुर और देवगांव होते हुए आगे जाता है। किसानों का आरोप है कि नाले की समुचित सफाई और खुदाई न होने से पानी की निकासी बाधित है।
ग्रामीणों के मुताबिक नाले की सफाई मुख्य मार्ग से महज करीब दो सौ मीटर तक ही कराई जाती है, जबकि आगे पूरा नाला सिल्ट, मिट्टी और अन्य अवरोधों से पटा हुआ है। इसके चलते बारिश का पानी खेतों से निकल नहीं पा रहा है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए मिट्टी उठाए जाने के बाद बनाए गए रास्ते में मिट्टी डाल दिए जाने से पानी का प्राकृतिक बहाव बाधित हो गया है। इससे जलभराव की समस्या और गंभीर हो गई है। किसानों का कहना है कि लगातार पानी भरा रहने से धान की फसल खराब हो रही है। खेती ही उनकी आय का प्रमुख साधन है। यदि जल्द पानी की निकासी नहीं कराई गई तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों ने मांग की है कि पूरे नाले की जेसीबी से गहराई तक खुदाई और सफाई कराकर पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए। साथ ही भविष्य में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए स्थायी जल निकासी व्यवस्था की जाए।
एसडीएम ने दिया जल्द समाधान का भरोसा
उपजिलाधिकारी फाल्गुनी सिंह ने बताया कि किसानों की समस्या संज्ञान में है। जल्द ही मौके पर कार्रवाई कराकर जल निकासी की समस्या का निराकरण कराया जाएगा।
नाला सफाई न होने से दो हजार बीघा फसल जलमग्न, किसानों ने जेसीबी से सफाई की उठाई मांग


