Home उत्तर प्रदेश लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर दौड़ा घोड़ा, तेज रफ्तार वाहनों के बीच मची अफरा-तफरी

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर दौड़ा घोड़ा, तेज रफ्तार वाहनों के बीच मची अफरा-तफरी

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7-8 किलोमीटर तक एक्सप्रेसवे पर दौड़ता रहा घोड़ा, एनएचआई की पेट्रोलिंग टीम ने पीछा कर नीचे उतारा

उन्नाव। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक घोड़ा अचानक तेज रफ्तार वाहनों के बीच दौड़ता नजर आया। घोड़े के अचानक सामने आने से वाहन चालकों को अपनी रफ्तार नियंत्रित करनी पड़ी। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
बताया जा रहा है कि घोड़ा उन्नाव के आसपास एक्सप्रेसवे पर पहुंच गया और करीब सात से आठ किलोमीटर तक सड़क पर दौड़ता रहा। सूचना मिलने पर एनएचएआई की पेट्रोलिंग टीम ने घोड़े को पकड़ने और एक्सप्रेसवे से हटाने के लिए उसका पीछा शुरू किया। टीम ने डंडे की मदद से उसे किनारे करने का प्रयास किया तो घोड़ा और तेज भागने लगा।
काफी मशक्कत के बाद लालगंज बाइपास से करीब दो किलोमीटर पहले घोड़े को एक्सप्रेसवे से नीचे उतारा जा सका। इस दौरान तेज रफ्तार वाहनों के बीच घोड़े के दौड़ने का वीडियो भी सामने आया है।

फेंसिंग के बावजूद कैसे पहुंच रहे जानवर

एक्सप्रेसवे पर आवारा पशुओं की आवाजाही रोकने के लिए दोनों ओर करीब छह फीट ऊंची लोहे की फेंसिंग और जगह-जगह गेट लगाए गए हैं। इसके बावजूद घोड़े के अलावा गाय और कुत्तों के एक्सप्रेसवे पर पहुंचने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था और पेट्रोलिंग पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
एनएचएआई की ओर से बताया गया कि कुछ स्थानों पर सुरक्षा जालियां टूट गई हैं। उनकी मरम्मत जल्द कराए जाने की बात कही गई है।

चंद सेकेंड की चूक बन सकती है हादसे की वजह

एक्सप्रेसवे पर वाहन तेज रफ्तार से चलते हैं। ऐसे में अचानक कोई पशु सामने आने पर चालक को संभलने के लिए महज कुछ सेकेंड मिलते हैं। यदि समय रहते ब्रेक न लग पाए तो बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में सवाल यह है कि जब एक्सप्रेसवे पर पशुओं की एंट्री रोकने के लिए फेंसिंग और पेट्रोलिंग की व्यवस्था है, तो बार-बार जानवर सड़क तक कैसे पहुंच रहे हैं?
अब जरूरत केवल टूटी फेंसिंग की मरम्मत की नहीं, बल्कि पूरे एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने की है।

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