सुरक्षा प्रमाणपत्र और परमिट व्यवस्था की अनदेखी के आरोप, परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
बांदा। लग्जरी टूर एंड ट्रैवल्स के नाम पर बांदा से दूसरे राज्यों तक प्रतिदिन संचालित हो रहे यात्री वाहनों की वैधता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि कई वाहन आवश्यक सुरक्षा प्रमाणपत्र प्राप्त किए बिना ही सड़कों पर दौड़ रहे हैं। यदि यह स्थिति सही है, तो यह यात्रियों की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही का मामला हो सकता है।
यूपी में पासिंग नहीं तो दूसरे राज्यों तक कैसे पहुंच रहीं बसें?
सबसे अहम सवाल यह है कि यदि उत्तर प्रदेश में संबंधित श्रेणी के वाहनों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पंजीकरण, बॉडी निर्माण या फिटनेस संबंधी मंजूरी नहीं मिल रही है, तो फिर बांदा से रोजाना सवारियां लेकर दूसरे राज्यों के लिए लंबी दूरी की यात्राएं कैसे संचालित हो रही हैं? क्या इन वाहनों के पास वैध परमिट और आवश्यक दस्तावेज हैं? क्या इनकी वाहन श्रेणी और वास्तविक बनावट नियमानुसार स्वीकृत है? इन सवालों पर परिवहन विभाग की स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए।
सुरक्षा प्रमाणपत्र के बिना सड़क पर वाहन, जांच कौन करेगा?
आरोप है कि कुछ वाहन आवश्यक सुरक्षा प्रमाणपत्रों के बिना ही संचालित हो रहे हैं। ऐसे में यह जांच जरूरी है कि संबंधित वाहनों के पास लागू नियमों के अनुसार वैध फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, पंजीकरण और अन्य अनिवार्य अनुमतियां उपलब्ध हैं या नहीं। साथ ही वाहन में स्लीपर सीटों की व्यवस्था, आपातकालीन निकास और अग्निशमन उपकरणों की भी जांच होनी चाहिए।
बसों में आग लगने जैसी घटनाएं पहले भी यात्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा चुकी हैं। लंबी दूरी की यात्रा में किसी तकनीकी खराबी या सुरक्षा व्यवस्था की कमी के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसलिए केवल लग्जरी सुविधाओं, आकर्षक इंटीरियर और आरामदायक सीटों के आधार पर किसी वाहन को सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
लग्जरी के नाम पर सुरक्षा से खिलवाड़?
यात्रियों से लग्जरी यात्रा के नाम पर किराया वसूलने वाले संचालकों की जिम्मेदारी है कि वे निर्धारित मानकों का पालन करें। वहीं परिवहन विभाग की जिम्मेदारी है कि नियमों के अनुरूप वाहनों का संचालन सुनिश्चित करे और उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करे।
अब सवाल परिवहन विभाग से है: बांदा से दूसरे राज्यों तक लंबी दूरी की यात्राएं करने वाले इन वाहनों के परमिट, फिटनेस और सुरक्षा प्रमाणपत्रों की जांच कब होगी? क्या विभाग मार्गों पर संचालित वाहनों का भौतिक सत्यापन कराएगा? और यदि कोई वाहन आवश्यक अनुमतियों के बिना संचालित पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध क्या कार्रवाई होगी?
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। परिवहन विभाग को इस मामले में तथ्यों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि लग्जरी यात्रा के नाम पर किसी की सुरक्षा जोखिम में न पड़े।



