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सात साल की अनामिका ने 30 किमी दौड़कर दिखाया हौसला, डीआईजी ने किया सम्मानित

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गांधी जयंती पर भीखमपुरवा से गांधी पार्क तक 3 घंटे 40 मिनट में पूरी की दौड़, हाथ में तिरंगा थामे नहीं रुकी नन्ही धावक

गोंडा। उम्र महज सात साल, कदम छोटे लेकिन हौसला बुलंद। गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर इटियाथोक क्षेत्र की कक्षा दो की छात्रा अनामिका मिश्रा ने 30 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर जिले का नाम रोशन किया। शुक्रवार सुबह छह बजे प्राथमिक विद्यालय भीखमपुरवा से शुरू हुई उसकी दौड़ 3 घंटे 40 मिनट बाद गोंडा के गांधी पार्क पहुंचकर पूरी हुई। गांधी पार्क पहुंचकर अनामिका ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को नमन किया।
अनामिका की दौड़ की खास बात यह रही कि उसने पूरी दूरी के दौरान अपने दाहिने हाथ में तिरंगा थामे रखा। सात वर्ष की उम्र में इतनी लंबी दूरी पूरी करने वाली अनामिका के इस प्रयास में उसका अनुशासन, नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास साफ नजर आया। उसकी उपलब्धि पर गांधी पार्क में मौजूद लोगों ने भी उसका उत्साह बढ़ाया।

चार साल की मेहनत से 30 किमी तक पहुंची अनामिका

अनामिका के पिता एवं विद्यालय के प्रधानाध्यापक मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि बेटी करीब चार वर्षों से नियमित दौड़ और शारीरिक अभ्यास कर रही है। परिवार ने भी उसकी तैयारी में पूरा सहयोग किया। पिछले वर्ष अनामिका ने करीब 10 किलोमीटर की दौड़ पूरी करने के साथ आठ मिनट में 240 पुशअप कर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया था। इस बार उसने अपनी दौड़ की दूरी बढ़ाकर 30 किलोमीटर कर दी।

ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतने का सपना

दौड़ पूरी करने के बाद अनामिका ने कहा कि उसका सपना बड़ा होकर ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना है। उसने बताया कि उसे दौड़ने की प्रेरणा अपने पिता और बड़ी बहन से मिली। वह पिछले चार वर्षों से लगातार इसके लिए अभ्यास कर रही है।
गांधी पार्क पहुंचने पर डीआईजी देवीपाटन परिक्षेत्र अशोक कुमार ने अनामिका को माला पहनाकर सम्मानित किया और उसके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी समय प्रकाश पाठक समेत स्थानीय लोगों ने भी उसका उत्साह बढ़ाया। डीआईजी ने कहा कि बेटियों को अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकती हैं।
30 किलोमीटर की दौड़ के दौरान जिला प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रेट, एंबुलेंस और पुलिसकर्मियों की व्यवस्था की गई थी। उनकी निगरानी में अनामिका ने पूरी दूरी तय की।
सात साल की अनामिका की यह उपलब्धि केवल 30 किलोमीटर की दौड़ पूरी करने तक सीमित नहीं रही। गांधी जयंती के दिन हाथ में तिरंगा लेकर दौड़ी इस नन्ही धावक ने मेहनत, अनुशासन और बड़े सपने देखने का संदेश भी दिया।अगर चाहें तो मैं इसका और ज्यादा धारदार दो-कॉलम फ्रंट-पेज संस्करण भी बना सकता हूं, जिसमें शीर्षक और उपशीर्षक और ज्यादा आकर्षक होंगे।

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