डिग्री कॉलेज रोड से ओम चैराहा तक भारी वाहनों की आवाजाही से दहशत, जिम्मेदार विभागों की चुप्पी पर उठे सवाल
ओबरा, सोनभद्र। ओबरा थाना क्षेत्र में रिहायशी इलाकों के बीच से ओवरलोड बालू लदे भारी वाहनों की बेरोकटोक आवाजाही ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। डिग्री कॉलेज रोड से वीआईपी गेस्ट हाउस रोड होते हुए ओम चैराहा तक आए दिन क्षमता से अधिक बालू लदे वाहन गुजरते देखे जा रहे हैं। आबादी के बीच तेज रफ्तार में दौड़ते इन भारी वाहनों से स्थानीय लोगों में हादसे की आशंका बनी हुई है। सबसे गंभीर स्थिति उन मार्गों पर है, जहां पैदल राहगीरों के साथ स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों की लगातार आवाजाही रहती है। संकरी सड़कों पर भारी और ओवरलोड वाहनों के गुजरने से कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका से लोग सहमे हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मामले की जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाए जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। स्थानीय लोगों का सीधा सवाल है कि यदि क्षमता से अधिक बालू लदा कोई वाहन अनियंत्रित होकर आबादी में दुर्घटना का कारण बनता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? लोगों का कहना है कि हादसा होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को पहले ही ऐसे वाहनों के आवागमन पर रोक लगानी चाहिए। ओवरलोड वाहनों की लगातार आवाजाही ने निगरानी और प्रवर्तन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आखिर किन परिस्थितियों में रिहायशी मार्गों से भारी वाहनों को गुजरने दिया जा रहा है। क्या संबंधित विभागों को इसकी जानकारी नहीं है या फिर कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है? लोगों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के साथ खनन एवं परिवहन विभाग से मामले की संयुक्त जांच कराने की मांग की है। साथ ही रिहायशी मार्गों से भारी एवं ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी रोक लगाने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है। अब देखना यह है कि प्रशासन किसी हादसे का इंतजार करता है या उससे पहले ही ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा कसता है।


