राजरानी स्कूल में चला स्कूल सेफ्टी अभियान, भूकंप से लेकर आग और आकाशीय बिजली तक से बचाव का कराया अभ्यास
कासगंज। आपदा कभी बताकर नहीं आती, लेकिन उससे निपटने की तैयारी जरूर की जा सकती है। इसी सोच के साथ मंगलवार को नगरिया स्थित राजरानी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 8वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), गाजियाबाद की टीम ने स्कूल सेफ्टी एवं आपदा जागरूकता अभियान चलाया। टीम ने विद्यार्थियों को केवल बचाव के तरीके बताए ही नहीं, बल्कि सीपीआर, बेसिक लाइफ सपोर्ट और हेमलिच मैन्युवर का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया। जिला प्रशासन के समन्वय से आयोजित कार्यक्रम में टीम कमांडर निरीक्षक चमन किशोर गुप्ता के नेतृत्व में एनडीआरएफ जवानों ने विद्यार्थियों को आपदा के दौरान तत्काल प्रतिक्रिया देने के गुर सिखाए। भूकंप आने पर ड्रॉप-कवर-होल्ड तकनीक अपनाने, सुरक्षित स्थान तक पहुंचने और स्कूल भवन से सुरक्षित निकासी के तरीके समझाए गए।
मुसीबत में जिंदगी बचाने का दिया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी व्यक्ति की सांस या धड़कन रुकने जैसी स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। टीम ने सीपीआर और बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) का प्रदर्शन किया और छात्रों से इसका अभ्यास कराया। वहीं, गले में खाना या कोई वस्तु फंसने पर व्यक्ति की जान बचाने के लिए हेमलिच मैन्युवर की तकनीक भी समझाई गई।

आकाशीय बिजली से बचाव और अलर्ट की जानकारी
एनडीआरएफ टीम ने विद्यार्थियों को आकाशीय बिजली से बचाव के जरूरी उपाय बताए। साथ ही मौसम संबंधी पूर्व चेतावनी हासिल करने के लिए सचेत और दामिनी ऐप की उपयोगिता समझाई गई। टीम ने विद्यार्थियों से कहा कि आपदा के समय अफवाह और घबराहट के बजाय सतर्कता, संयम और सूझबूझ से काम लेना ही सबसे बड़ा बचाव है।
सीखी सुरक्षा की बातें घर तक पहुंचाने का आह्वान
अधिकारियों ने कहा कि आपदा से पहले की तैयारी, संकट के समय त्वरित प्रतिक्रिया, सुरक्षित निकासी और प्राथमिक उपचार का व्यवहारिक ज्ञान जनहानि को काफी हद तक कम कर सकता है। विद्यार्थियों को प्रशिक्षण में सीखी तकनीकों को अपने परिवार और आसपास के लोगों तक पहुंचाने के लिए भी प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय प्रबंधक अक्षय भारद्वाज और प्रधानाचार्य जय प्रकाश मौर्य ने एनडीआरएफ टीम के प्रशिक्षण की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियान बच्चों को आपदा की स्थिति में खुद को सुरक्षित रखने के साथ-साथ जरूरतमंदों की मदद करने के लिए भी तैयार करते हैं। विद्यालय प्रबंधन ने पूरी एनडीआरएफ टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

