अमेठी। बेसिक शिक्षा विभाग में आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसकी शिकायत को निस्तारित दिखाने के लिए कथित रूप से गलत दस्तावेज का सहारा लिया गया, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
शिकायतकर्ता डॉ. धर्मेंद्र कुमार शुक्ल के अनुसार उन्होंने जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) के चयन प्रक्रिया की जांच की मांग करते हुए आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि विभाग की ओर से शिकायत का निस्तारण करते समय यह उल्लेख किया गया कि उन्होंने स्वयं शिकायत वापस लेने संबंधी शपथ पत्र दिया है, जबकि उन्होंने ऐसा कोई शपथ पत्र प्रस्तुत नहीं किया और न ही शिकायत वापस ली।
डॉ. शुक्ल ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि जिस शपथ पत्र के आधार पर शिकायत का निस्तारण किया गया, उस पर अंकित तिथि और निस्तारण की तिथि में भी अंतर है। उन्होंने संबंधित प्रकरण की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। उधर, मामला सामने आने के बाद विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है।
आईजीआरएस निस्तारण पर उठे सवाल, शिकायतकर्ता ने फर्जी दस्तावेज लगाने का लगाया आरोप


