पांच दिन बाद टूटी सिंचाई विभाग की नींद, दो हजार बीघा फसल बचाने को फिर शुरू हुई नाला सफाई

किसानों के विरोध और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद विभाग ने लगाई जेसीबी, नाले की सफाई शुरू होते ही किसानों ने ली राहत की सांस

सफीपुर उन्नाव। मुंडा-भदनी कच्चा नाला बंद होने से करीब दो हजार बीघा फसल जलमग्न होने के मामले में आखिरकार सिंचाई विभाग की नींद टूटी। पांच दिन पहले पंचायतों की ओर से शुरू कराई गई नाला सफाई को रोकने वाला विभाग बुधवार को खुद जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचा और सफाई का काम दोबारा शुरू कराया। नाला खुलने की उम्मीद जगी तो जलभराव से परेशान किसानों ने राहत की सांस ली।
मुंडा से भदनी झाल तक पानी निकासी के लिए बनाए गए कच्चे नाले में बहाव बाधित होने से मवई लाल, बृजपालपुर, भैंसहरा और निहालपुर गांवों की करीब दो हजार बीघा फसल पानी में डूब गई थी। किसानों का आरोप था कि नाला लंबे समय से साफ नहीं होने के कारण बारिश का पानी खेतों में भर रहा है। फसल बचाने के लिए किसान लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे।

निरीक्षण के बाद भी नहीं मानी नाला सफाई की जरूरत…..

समस्या को लेकर भाजपा नेता शिव लखन सिंह की अगुवाई में किसानों ने एसडीएम फाल्गुनी सिंह से शिकायत की थी। एसडीएम के निर्देश पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया, लेकिन नाला सफाई की आवश्यकता से इनकार कर दिया। इसके बाद पानी निकासी के लिए एसडीएम ने बीडीओ ज्ञानेंद्र कुमार यादव को आवश्यक स्थानों पर सफाई कराने के निर्देश दिए।
निर्देश के बाद शुक्रवार को मवई लाल, बृजपालपुर और निहालपुर ग्राम पंचायतों ने जेसीबी लगाकर निहालपुर गांव से नाला सफाई शुरू कराई। करीब 300 मीटर सफाई होने के बाद सिंचाई विभाग ने अन्य किसानों की शिकायतों का हवाला देते हुए काम रुकवा दिया। इससे जलभराव झेल रहे किसानों का आक्रोश और बढ़ गया।

एसडीएम से नहीं बनी बात तो विधायक से लगाई गुहार

शनिवार को किसान दोबारा एसडीएम से मिले, लेकिन आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद किसानों ने विधायक आवास पहुंचकर विधायक बंबा लाल दिवाकर से मुलाकात की और फसल को बचाने के लिए तत्काल नाला सफाई की मांग की। विधायक ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर अविलंब नाला खुदाई कराने के निर्देश दिए और किसानों को समस्या के शीघ्र समाधान का भरोसा दिया।
वहीं जिला पंचायत सदस्य कृष्णा कुमारी रावत के प्रतिनिधि जितेंद्र रावत ने जिला स्तरीय अधिकारियों को पत्र देकर नाला सफाई की मांग की। पत्र में कहा गया कि समय रहते पानी की निकासी नहीं हुई तो करीब दो हजार बीघा फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है।

विभाग ने खुद लगाई जेसीबी….

लगातार शिकायतों और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद बुधवार को सिंचाई विभाग ने आखिरकार खुद जेसीबी लगाकर मुंडा-भदनी नाले की सफाई शुरू करा दी। सफाई शुरू होने के बाद पानी की निकासी की उम्मीद जगी है। किसानों का कहना है कि यदि नाला समय रहते साफ हो जाता तो फसल को इतना नुकसान नहीं उठाना पड़ता। अब किसानों की नजर इस बात पर है कि नाले की सफाई कितनी दूर तक होती है और खेतों में भरा पानी कब तक निकलता है।

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