इकलौते बेटे की मौत से परिवार में मचा कोहराम
हसनगंज उन्नाव। रक्षाबंधन पर बहनों से राखी बंधवाने और परिवार के साथ त्योहार की खुशियां मनाने घर आए बीएसएफ जवान शिवम (30) की मंगलवार को सड़क हादसे में मौत हो गई। गंगा एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर टोल टैक्स के पास तेज रफ्तार ऑटो ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में शिवम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। त्योहार की खुशियां अभी ठीक से बिखरी भी नहीं थीं कि जवान की मौत की खबर से घर में मातम पसर गया।
कोतवाली हसनगंज क्षेत्र के चंदौली खुर्द निवासी रामपाल के इकलौते बेटे शिवम वर्ष 2019 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे। उनकी पहली तैनाती पश्चिम बंगाल में हुई थी। वर्ष 2026 में तबादले के बाद वह श्रीनगर में तैनात थे। रक्षाबंधन मनाने के लिए छुट्टी लेकर वह सोमवार को घर पहुंचे थे। मंगलवार को साथी राजेंद्र के साथ बाइक से मटेरिया चौराहे की ओर जा रहे थे। इसी दौरान टोल टैक्स के समीप तेज रफ्तार ऑटो ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में शिवम गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
इकलौते बेटे की मौत से टूट गया परिवार
शिवम अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। पिता रामपाल खेती-किसानी करते हैं। उनकी तीन बहनें शिल्पी, ज्योति और स्वाति हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। भाई के घर आने पर बहनों में रक्षाबंधन को लेकर उत्साह था, लेकिन त्योहार के अगले ही दिन मिली भाई की मौत की खबर ने सभी को तोड़कर रख दिया। जवान की मौत की सूचना मिलते ही पत्नी गुड़िया और मां माधुरी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के मुताबिक शिवम के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में जहां एक दिन पहले त्योहार की तैयारियां चल रही थीं, वहीं अब हर तरफ चीख-पुकार और सन्नाटा पसरा है। शिवम की दो वर्षीय मासूम बेटी जीवा हादसे की सबसे मार्मिक तस्वीर बन गई। जिस पिता के साथ त्योहार की खुशियां मनाने का इंतजार था, वह अब कभी लौटकर नहीं आएंगे। मासूम बेटी के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। रक्षाबंधन पर घर लौटेबीएसएफ जवान की अचानक मौत की खबर से चंदौली खुर्द और आसपास के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग परिवार के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाते रहे। हर आंख नम थी और हर जुबां पर शिवम के असमय निधन का दुख था।


