चित्रकूट। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की अध्यक्षता व पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह की उपस्थिति में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक में जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, दुर्घटनाओं में मृतकों व घायलों की संख्या में कमी लाने व सड़क सुरक्षा के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किए जाने की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के निरंतर प्रयासों से जनपद में सड़क दुर्घटनाओं, मृतकों व घायलों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। विगत वर्ष 2025 में जहां कुल 246 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, वहीं वर्ष 2026 में यह संख्या घटकर 206 रह गई है, जो लगभग 16 प्रतिशत की कमी दर्शाती है। इसी प्रकार वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में 131 लोगों की मृत्यु हुई थी, जो वर्ष 2026 में घटकर 116 रह गई है। मृतकों की संख्या में लगभग 11 प्रतिशत की कमी आई है। घायलों की संख्या भी वर्ष 2025 के 236 से घटकर वर्ष 2026 में 176 रह गई है, जो लगभग 25 प्रतिशत की कमी है। और कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी उत्साहजनक है, लेकिन सड़क सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों में निरंतरता बनाए रखते हुए और अधिक प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि जनपद में सर्वाधिक सड़क दुर्घटनाएं एनएच-35 पर हो रही हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि दुर्घटना संभावित स्थलों पर आवश्यक सुरक्षा उपाय तत्काल सुनिश्चित कराए जाएं। बैठक में संबंधित अधिकारी की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि समिति की बैठकों में अनुपस्थित रहने वाले संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध मुख्यालय स्तर पर पत्राचार कराया जाए। जिलाधिकारी ने यात्री एवं मालकर अधिकारी को निर्देशित किया कि ऐसे वाहनों के चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए, जिनके कारण सड़क दुर्घटना में किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है। यदि दुर्घटना में शामिल वाहन दूसरे जनपद का हो, तो संबंधित जनपद के परिवहन विभाग से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए। शराब के नशे में वाहन चलाने तथा दुर्घटना कर किसी व्यक्ति को घायल करने वाले चालकों के लाइसेंस निरस्तीकरण एवं नियमानुसार ब्लैकलिस्ट किए जाने की कार्रवाई भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि जनपद में 18 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इन स्थानों पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए रंबल स्ट्रिप, साइन बोर्ड, चेतावनी संकेतक एवं अन्य आवश्यक सड़क सुरक्षा उपाय तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित किए जाएं। और यातायात नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाई में भी वृद्धि हुई है। बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने के मामलों में चालान की संख्या में लगभग दोगुनी वृद्धि, ड्रंक एंड ड्राइव के मामलों में लगभग तीन गुना तथा रॉन्ग साइड ड्राइविंग के मामलों में लगभग आठ गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने निर्देश दिए कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रभावी एवं निरंतर कार्रवाई की जाए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार त्रिपाठी, पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर, यात्री एवं मालकर अधिकारी दीप्ति त्रिपाठी सहित संबंधित अधिकारी एवं विद्यालय संचालक उपस्थित रहे।
डीएम एसपी ने सड़क सुरक्षा समिति की ली बैठक


