बांदा। जिले के जसपुरा विकासखंड के कई ग्राम पंचायत में लगातार हुई भारी बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। किसानों का आरोप है कि 8 से 10 दिनों तक लगातार हुई बारिश के कारण तिल, उड़द और मूंग की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन और सरकार से फसलों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि उन्होंने खेतों की जुताई, बुवाई और बाखराई में काफी धनराशि खर्च की थी। अब फसल नष्ट हो जाने के बाद उनके सामने अगली फसल की तैयारी का संकट खड़ा हो गया है। किसानों के पास खाद और बीज खरीदने तक के लिए पर्याप्त पैसे नहीं बचे हैं। उन्हें तिल की फसल से अगली बुवाई के लिए आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद थी। किसान हरिया प्रसाद प्रजापति ने बताया कि लगातार बारिश से उनकी तिल की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। उन्होंने बैंक में फसल बीमा के संबंध में जानकारी ली तो बताया गया कि उनके खसरे में इस सीजन की फसल दर्ज नहीं है, जिससे बीमा मिलने में समस्या आ सकती है। किसानों ने मांग की है कि तिल और मूंग सहित अन्य फसलों को खसरे में दर्ज किया जाए, ताकि उन्हें फसल बीमा योजना का लाभ मिल सके।
वहीं किसान छेदीलाल निषाद ने बताया कि बारिश से पहले तिल की फसल काफी अच्छी थी, लेकिन लगातार बारिश के कारण तिल, उड़द और मूंग की फसल सड़कर खराब हो गई। सभाजीत निषाद ने भी फसल के पूरी तरह चौपट होने की बात कहते हुए मुआवजा दिलाने और फसलों को खसरे में दर्ज कराने की मांग की।
किसान अर्जुन सिंह ने बताया कि उन्होंने फसल बीमा न मिलने के संबंध में लेखपाल अनिल कुमार से जानकारी ली, जिस पर उन्हें कृषि विभाग से संपर्क करने की बात कही गई। किसानों का आरोप है कि बैंक, लेखपाल और कृषि विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं, जिससे उन्हें सही जानकारी और समाधान नहीं मिल पा रहा है।
पीड़ित किसानों ने जिला प्रशासन से तत्काल गांव में टीम भेजकर खराब हुई फसलों का सर्वे कराने तथा प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा और फसल बीमा का लाभ दिलाने की मांग की है।
भारी बारिश से तिल, उड़द और मूंग की फसल चौपट, किसानों ने मांगा मुआवजा
