अव्यवस्थाओं से आक्रोशित सामाजिक संगठनों और किसान नेताओं ने इमरजेंसी गेट पर दिया धरना
छिबरामऊ कन्नौज। दिलू नगला गांव स्थित सौ शैया अस्पताल एक बार फिर गंभीर बदहाली और अव्यवस्थाओं को लेकर विवादों में है। अस्पताल में इलाज कराने पहुंच रहे मरीजों और उनके तीमारदारों की समस्याओं को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों और किसान नेताओं ने इमरजेंसी गेट पर जोरदार प्रदर्शन और धरना दिया।
बुनियादी सुविधाओं का अभाव, बाहर से दवाएं मंगवाने का आरोप
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अस्पताल के वार्डों में बेड पर चादरें तक नहीं हैं और मरीज मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। मरीजों को घंटों अंधेरे का सामना करना पड़ रहा है तथा बिजली संकट के कारण इलाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा, मरीजों और तीमारदारों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन इलाज के नाम पर कमीशनखोरी कर रहा है और मरीजों को बाहर से दवाएं लाने पर मजबूर किया जाता है।
गंदगी से संक्रमण का खतरा, सफाई व्यवस्था ध्वस्त
धरने में शामिल पदाधिकारियों ने बताया कि अस्पताल में नियमित सफाई न होने से वार्डों में दुर्गंध और गंदगी का साम्राज्य है, जिससे भर्ती मरीजों में संक्रमण फैलने का गंभीर खतरा बना हुआ है। मरीजों ने नियमित सफाई और आवश्यक संसाधन तुरंत उपलब्ध कराने की मांग की।
अधिकारियों का आश्वासन: ‘जांच कर होगी कार्रवाई’
धरने की सूचना मिलते ही सीएमएस डॉ. सुनील कुमार सिंह के निर्देश पर डॉ. अभिषेक कटियार मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। उन्होंने समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ। हालांकि, किसान नेताओं और पदाधिकारियों (डॉ. रजनीश दुबे, हिमांशु चौहान, राजा शुक्ला आदि) ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।


