सीएम डैशबोर्ड पर सुस्ती देख भड़के डीएम, अफसरों के वेतन और मानदेय पर लगायी रोक

फार्मर आईडी-फैमिली आईडी में धीमी प्रगति पर उपनिदेशक कृषि पर कार्रवाई के निर्देश, खराब ब्लॉकों के डीएमएम-बीएमएम को भी चेतावनी

सोनभद्र। विकास योजनाओं की धीमी रफ्तार को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने गुरुवार को अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान कई योजनाओं की खराब प्रगति सामने आने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने साफ कहा कि शासन से निर्धारित लक्ष्यों को तय समयसीमा में शत-प्रतिशत पूरा करना होगा, अन्यथा जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा के दौरान फार्मर आईडी और फैमिली आईडी निर्माण की धीमी प्रगति सामने आने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। अपेक्षित सुधार नहीं होने पर उन्होंने उपनिदेशक कृषि के वेतन भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को नियमित निगरानी कर लक्ष्य पूरा कराने के निर्देश दिए गए। स्वयं सहायता समूहों के गठन के बाद रिवॉल्विंग फंड (आरएफ), सीआईएफ फंड और फंड मैपिंग की समीक्षा में भी कई स्तरों पर प्रगति धीमी मिली। इस पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले विकास खंडों के डीएमएम और बीएमएम के मानदेय भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी प्रगति में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध सेवा समाप्ति की कार्रवाई तक की जाएगी। जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की निर्माणाधीन परियोजनाओं की भी समीक्षा की। धीमी गति से चल रहे कार्यों में तेजी लाकर उन्हें निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब या लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी। पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की थर्ड पार्टी जांच शीघ्र कराने तथा जांच के बाद उन्हें संबंधित विभागों को हैंडओवर करने के निर्देश भी दिए गए। डीएम ने कहा कि पूरी हो चुकी परियोजनाओं को अनावश्यक रूप से लंबित रखना स्वीकार नहीं किया जाएगा। डीएम ने सभी अधिकारियों को सीएम डैशबोर्ड पर योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और कम प्रगति वाले संकेतकों में तत्काल सुधार लाने को कहा। उन्होंने दो टूक कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला विकास अधिकारी हेमंत कुमार सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी संतपाल वर्मा, बीएसए मुकुल आनंद पाण्डेय, डीसी मनरेगा रविन्द्र वीर सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक जय राम सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए एसके राय, जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया समेत अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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