प्रधानाचार्या बोलीं मामला धार्मिक नहीं, अनुशासन से जुड़ा
नवाबगंज उन्नाव। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज नवाबगंज में छात्राओं के माथे पर टीका-बिंदी लगाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कुछ छात्राओं ने टीका-बिंदी को लेकर टोके जाने पर परिजनों से शिकायत की। परिजन विद्यालय पहुंचे। जिससे विद्यालय में माहौल गर्म हो गया। वहीं प्रधानाचार्या ने कहा कि विद्यालय में किसी धार्मिक चिह्न का विरोध नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि छात्राओं को निर्धारित ड्रेस कोड और अनुशासन का पालन कराने के उद्देश्य से निर्देश दिए गए हैं।
धार्मिक आस्था और विद्यालयी अनुशासन को अलग-अलग देखना होगा
प्रधानाचार्या का कहना है कि विद्यालय में अनुशासन बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है। उनका उद्देश्य किसी छात्रा की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं है। विद्यालय में निर्धारित ड्रेस और नियमों के अनुसार छात्राओं को रहने के लिए कहा जाता है।
प्रधानाचार्या की सख्ती भी बनी चर्चा का विषय
विद्यालय सूत्रों के अनुसार प्रधानाचार्या की ओर से शिक्षकों के समय से विद्यालय पहुंचने, निर्धारित समय तक शिक्षण कार्य करने और छात्राओं में अनुशासन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। व्यवस्थाओं को लेकर सख्ती किए जाने से कुछ शिक्षिकाओं में नाराजगी की भी चर्चा है। हालांकि शिक्षिकाओं की ओर से मामले को तूल देने या किसी रणनीति के तहत विरोध किए जाने की बात की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
नियम सभी के लिए समान हों, यही उठा सवाल
सवाल यह है कि विद्यालय में लागू नियम सभी छात्राओं पर समान रूप से लागू किए जा रहे हैं या नहीं। अनुशासन विद्यालय व्यवस्था का आवश्यक हिस्सा है, लेकिन इसके साथ छात्राओं की धार्मिक भावनाओं और व्यक्तिगत सम्मान का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है।
ऐसे में विद्यालय प्रशासन की ओर से ड्रेस कोड और सजावटी सामग्री से संबंधित नियमों को स्पष्ट करना और उन्हें सभी छात्राओं पर समान रूप से लागू करना ही विवाद को समाप्त करने का बेहतर रास्ता माना जा रहा है। फिलहाल मामले को धार्मिक विवाद का रूप देने के बजाय विद्यालयी अनुशासन और नियमों के पालन के रूप में देखना अधिक उचित होगा।


