मियाँगंज उन्नाव। कस्बे में बुधवार को आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश देते हुए ऐतिहासिक जुलूसे मोहम्मदी निकाला गया। जामा मस्जिद से पेश इमाम हाफिज गुलाम वारिस की अगुवाई में जुलूस का आगाज हुआ। जुलूस कस्बे की विभिन्न बस्तियों से गुजरता हुआ वापस जामा मस्जिद पहुंचा, जहां मगरिब के समय हुजूर की शान में सलाम का नजराना पेश किया गया।
इसके बाद मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे की दुआ के साथ जुलूस का समापन हुआ। जुलूस में मियाँगंज कस्बे के साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। रास्ते भर लोगों में उत्साह दिखाई दिया।
इस दौरान हाफिज गुलाम वारिस, जिला पंचायत सदस्य फरान रहमान सफवी, सोलर व्यवसायी मुजीब खान, हनीफ खान, नाज आलम अंसारी, आकिल हुसैन, हाफिज गुलाम शहीद, समाजसेवी शीबू अहमद, चांद खान मास्टर, पूर्व प्रधान आफाक अंसारी, मो. असद अंसारी लेखपाल, जावेद खान, रियाज अंसारी, जुबैर खान, मो. रेहान, सुफियान शेख, तलहा खान, रहीश खान गुड्डू, फाजिल खान, दिलशाद बेग, शादाब अंसारी, खालिद अंसारी, हसरत अली, शहजादे मोबीन खान, जाफर अंसारी, अफसार अंसारी, मेहदी हसन, शरीफ, बब्लू, शरीफ आलम, फारून खान, बाबू खान, इमरान खान गुड्डू, अली हुसैन, साकिब अफसार, मोनू खान, लारैब अंसारी, वारिस, असद, महताब, फैशल, शहजाद, फैज और तैय्यब समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
जुलूसे मोहम्मदी को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से थाना प्रभारी प्रदीप सिंह, उपनिरीक्षक हीरालाल रावत पुलिस बल के साथ जुलूस के दौरान मौजूद रहे। पुलिस टीम ने पूरे रूट पर निगरानी बनाए रखी।

