चित्रकूट। धर्मनगरी मे आयी भीषण आपदा ने हर ओर बेबसी और तबाही का मंजर छोड गयी है। वर्ष 2003 मे आयी भीषण बाढ मे लोगो का इतना नुकसान नही हुआ जितना वर्ष 2026 की बाढ ने किया है। लोगो को इस आपदा ने आगे की राह मुश्किल तो कर ही दी है साथ ही आगे क्या होगा यह सोचने पर मजबूर कर दिया है। दैवीय आपदा इस पर किसी का जोर नही है लेकिन जरूरत है इन आपदाओ से सबक लेकर भविष्य की राह तय हो।
जिला मुख्यालय के तरौहां डरियन टोला निवासी साजदा बेगम पत्नी मेहदी हसन ने बताया कि उनकी दुकान बांस बल्ली तथा फर्नीचर की थी 29 अगस्त को आयी बाढ ने सब कुछ अपने साथ बहा ले गयी। हमारा यही एक रोजगार का साधन है अब आगे क्या होगा। शासन से जो मदद मिलनी है अब उसी का इंतजार है। उन्होने बताया कि दुकान से रखी बडी बल्ली 11 तथा 12 फुटी बल्ली 230, छोटी बल्ली 9 से 10 फुटी 350, प्लाई 75, तसला 85, बाॅस 250, पटरा 165 बकरा 7 सहित फर्नीचर का सामान अधबना भी इस बाढ मे खराब हो गया है। उन्होने बताया कि इस बाढ ने उन्हे लाखो रूपये की हानि हो गयी है। जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
भीषण बाढ मे दुकान से बह गया लाखो का सामान- पीडित ने डीएम से मदद की लगायी गुहार


