प्रभारी डीएम ने महाविद्यालय को बताया देवीपाटन मंडल का गौरव, आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को वितरित की गई ड्रेस
गोंडा। लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के 61वें स्थापना दिवस के साथ गांधी एवं शास्त्री जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। महाविद्यालय परिसर में आयोजित समारोह का शुभारंभ प्रभारी प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह ने ध्वजारोहण कर किया। इसके बाद महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया।प्रभारी प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय की 61 वर्षों की यात्रा और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि प्रभारी जिलाधिकारी दयानंद प्रसाद ने छात्र-छात्राओं की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि लाल बहादुर शास्त्री के नाम पर स्थापित यह महाविद्यालय शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में संस्कार और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का कार्य कर रहा है। उन्होंने महाविद्यालय को देवीपाटन मंडल का गौरव बताया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रबंध समिति की उपाध्यक्ष वर्षा सिंह ने की। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए सेवा का संकल्प लेना होगा। युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ अपने भविष्य का निर्माण करते हुए राष्ट्र के विकास में योगदान देना चाहिए। समारोह में छात्र-छात्राओं ने गायन, नृत्य, भाषण और योग की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया वहीं प्रशांत तिवारी ने ढोल बजाकर लोगो का मन मोह लिया। आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं को महाविद्यालय की ओर से ड्रेस भी वितरित की गई।

सेवानिवृत्त शिक्षकों व कर्मचारियों का सम्मान
समारोह में विशिष्ट अतिथि गुंजन शाह और पूजा छाबड़ा मौजूद रहीं। प्रबंध समिति के सदस्यों रवि चंद्र त्रिपाठी, सुरेंद्र पाल सिंह (संजू), अश्वनी श्रीवास्तव सहित महाविद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षकों डॉ. ओंकार पाठक, डॉ. आरएस पांडेय, डॉ. डीके गुप्ता, डॉ. मिथिलेश मिश्रा, डॉ. त्रिलोचन सिंह, डॉ. गंगोत्री तिवारी, डॉ. श्रवण श्रीवास्तव, डॉ. आरबीएस बघेल, डॉ. बीपी सिंह तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों राधेश्याम त्रिपाठी, राजेंद्र श्रीवास्तव, रामचंद्र, अर्जुन वर्मा और विष्णु प्रसाद को सम्मानित किया गया।

मुख्य नियंता प्रो. संदीप कुमार श्रीवास्तव ने आभार व्यक्त किया। मंच संचालन डॉ. मुक्ति टंडन ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. वंदना भारतीय, डॉ. परवेज आलम, डॉ. चमन कौर, डॉ. संतोष श्रीवास्तव, डॉ. मनोज मिश्रा, डॉ. अमित शुक्ला सहित शिक्षकों और कर्मचारियों का सहयोग रहा।


