ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता और जनभागीदारी के साथ कार्य कराने पर दिया जोर
गोण्डा। जिला पंचायत सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने विस्तार से चर्चा की। सम्मेलन में सभी ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए।सम्मेलन में अधिनियम के तहत प्रस्तावित कार्यक्रमों और विकास कार्यों की जानकारी दी गई। ग्राम पंचायतों की भूमिका, स्थानीय जरूरतों के आधार पर कार्यों के चयन, पारदर्शिता, जनभागीदारी और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित मानकों के अनुसार विकास कार्य कराने और उनमें पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों व कर्मचारियों को योजना से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी देते हुए इसके उद्देश्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया। सम्मेलन में मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद, डीसी मनरेगा जनार्दन प्रसाद, डीसी एनआरएलएम जेएन राव सहित सभी खंड विकास अधिकारी मौजूद रहे।


