100 प्रतिशत दिव्यांगता के कारण आवागमन में थी परेशानी, डीएम की पहल से मिली राहत
सोनभद्र। जनसुनवाई में फरियाद लेकर पहुंचे दिव्यांग रामवृक्ष के लिए जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल बड़ी राहत लेकर आई। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरण का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराते हुए गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की। ट्राईसाइकिल मिलने से रामवृक्ष के दैनिक आवागमन की मुश्किलें दूर होने के साथ आत्मनिर्भरता की राह आसान होगी।
ग्राम एवं पोस्ट पनारी विकासखंड चोपन निवासी रामवृक्ष पुत्र विश्वनाथ ने 9 जुलाई को आयोजित जनसुनवाई में जिलाधिकारी के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि वह दोनों पैरों से 100 प्रतिशत दिव्यांग हैं। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल नहीं होने के कारण उन्हें रोजमर्रा के कामों और आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी को उनके अभिलेखों और पात्रता की जांच के निर्देश दिए। साथ ही यह भी सत्यापित करने को कहा गया कि उन्हें पहले किसी अन्य योजना या माध्यम से मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध तो नहीं कराई गई है। जांच में रामवृक्ष को योजना के लिए पात्र पाया गया। साथ ही यह भी पुष्टि हुई कि उन्हें पूर्व में किसी अन्य माध्यम से मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल नहीं मिली थी। इसके बाद सीएसआर मद से प्राप्त मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल जिलाधिकारी ने उन्हें सौंप दी। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल हाथ में आते ही रामवृक्ष की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने जिला प्रशासन और जिलाधिकारी के प्रति आभार जताया। ट्राईसाइकिल मिलने से अब उन्हें रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए आवागमन में पहले जैसी परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त पात्र एवं जरूरतमंद लोगों के प्रकरणों का संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ प्रभावी निस्तारण जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं और उपलब्ध संसाधनों का लाभ दिलाने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है।


