नवाबगंज उन्नाव। अजगैन कस्बे के निजी अस्पताल में प्रसव के बाद प्रसूता की मौत के मामले में शुक्रवार को उच्चाधिकारियों के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अजगैन मेडिकल सेंटर का निरीक्षण किया। प्रसूता के इलाज से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद पुलिस की मौजूदगी में मेडिकल सेंटर को सील कर दिया गया।
अजगैन कोतवाली क्षेत्र के कुसलीखेड़ा गांव निवासी सतीश गौतम ने अपनी 32 वर्षीय पत्नी रूबी को बीते सोमवार को प्रसव के लिए अजगैन मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया था। बुधवार को इलाज के दौरान रूबी की मौत हो गई थी। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के गेट पर शव रखकर हंगामा किया था। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही और रुपये मांगने के आरोप लगाए थे। मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।
मामले में स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शुक्रवार को नवाबगंज स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉ सिद्धार्थ श्रीवास्तव और स्वास्थ्य पर्यवेक्षक प्रशांत दीक्षित की टीम अजगैन मेडिकल सेंटर पहुंची। टीम ने अस्पताल का निरीक्षण करने के साथ प्रसूता के इलाज से संबंधित दस्तावेजों को देखा और आवश्यक जानकारी जुटाई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अजगैन कोतवाली पुलिस की मौजूदगी में मेडिकल सेंटर को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान अस्पताल में मौजूद व्यवस्थाओं और इलाज से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की गई।
नवाबगंज स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉ सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार को अजगैन मेडिकल सेंटर में प्रसूता की मौत के मामले में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शुक्रवार को अस्पताल का निरीक्षण किया गया। पुलिस की मौजूदगी में मेडिकल सेंटर को सील कर दिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई उच्च अधिकारियों के निर्देश के अनुसार की जाएगी।
प्रसूता की मौत के बाद अजगैन मेडिकल सेंटर सील


