उन्नाव। कलेक्ट्रेट में आयोजित जनता दर्शन में जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान राजस्व, विकास, विद्युत, पुलिस और नगर समेत विभिन्न विभागों से सम्बन्धित 35 शिकायतें आयी। डीएम ने कई मामलों में संबंधित अधिकारियों को मौके से ही फोन कर शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने का निर्देश दिया।
जनता दर्शन में भूमि विवाद और अवैध कब्जे से जुड़े मामलों की संख्या प्रमुख रही। राम सिंह खेड़ा निवासी विमला सिंह चौहान ने भूमाफियाओं पर फ्लैट पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया। वहीं कीरतपुर निवासी अखिलेश कश्यप ने वसीयत के आधार पर प्राप्त पैतृक मकान पर अवैध कब्जे की शिकायत की।
गंगा घाट क्षेत्र के अगेहरा निवासी सुल्तान ने आवासीय भूमि पर अवैध कब्जा और हस्तक्षेप करने तथा लगाए गए लोहे के एंगल हटवाने की मांग की। माखी क्षेत्र की रामरानी ने जमीन की रंजिश के चलते धमकी और मानसिक उत्पीड़न किए जाने की शिकायत की। दही थाना क्षेत्र के मैकुवा खेड़ा निवासी राजन लाल लोधी ने नाली और रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई कर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करे। कहा कि फरियादियों को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।डीएम ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा करने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।


