उन्नाव। बीघापुर कोतवाली क्षेत्र के ऊंचगांव सानी में सोमवार सुबह खेत जाने के लिए घर से निकले 73 वर्षीय किसान की नाले में डूबने से मौत हो गई। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। इस दौरान गांव के पास पुलिया से करीब तीन सौ मीटर दूर नाले में झाड़ियों के बीच उनका शव फंसा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
ऊंचगांव सानी निवासी बालमुकुंद सोमवार सुबह घर से खेत जाने की बात कहकर निकले थे। काफी समय बीतने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटे तो परिजनों को चिंता हुई। परिजनों ने ग्रामीणों के साथ उनकी खोजबीन शुरू की। तलाश के दौरान गांव के निकट नाले की पुलिया से करीब 300 मीटर दूर झाड़ियों में बालमुकुंद का शव फंसा मिला। शव मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।मृतक के भाई शिक्षक विपिन त्रिवेदी ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि आशंका है कि खेत जाते समय बालमुकुंद को अचानक चक्कर आ गया होगा और वह रास्ते के किनारे बने नाले में जा गिरे। पानी में डूबने से उनकी मौत हो गई।
बालमुकुंद पत्नी गुड्डी के साथ घर पर रहकर खेती-किसानी कराते थे। उनके तीन पुत्र और दो पुत्रियां हैं। बीच वाले पुत्र अनूप की करीब दो वर्ष पूर्व बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। बड़ा पुत्र अरुण और छोटा पुत्र अनिरुद्ध उन्नाव में निजी नौकरी करते हैं, जबकि दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। वृद्ध किसान की मौत से परिवार में मातम छा गया।कोतवाली प्रभारी अरविंद कटियार ने बताया कि प्रथमदृष्टया चक्कर आने के कारण किसान के नाले में गिरने की आशंका है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खेत जाने निकले किसान की नाले में डूबकर मौत

