वजीरगंज-झिलाही मार्ग गड्ढों में तब्दील, विकास के दावों की खुल रही पोल

झिलाही बाजार केंद्रीय मंत्री सांसद गोंडा का आंगन होने के बावजूद विकास व्यवस्थाओं से हो रहा महरूम जिम्मेदार बने उदासीन

गोंडा। जिले में विकास की हकीकत देखनी हो तो वजीरगंज से झिलाही बाजार को जोड़ने वाले मार्ग का रुख किया जा सकता है। यहां सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क—यह फर्क कर पाना मुश्किल है। लोक निर्माण विभाग की उदासीनता ने सरकार के विकास संबंधी दावों पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।वजीरगंज कस्बे से झिलाही की ओर बढ़ते ही सड़क की बदहाली सामने आने लगती है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण चार पहिया और दोपहिया वाहन लगातार झटकों के बीच गुजरते हैं। पैदल, साइकिल और बाइक सवारों के गिरकर चोटिल होने की घटनाएं भी क्षेत्र में आम बताई जा रही हैं। बारिश के बाद स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है।विडंबना यह है कि झिलाही क्षेत्र जनप्रतिनिधियों के लिए भी अनजान इलाका नहीं है। इसके बावजूद लंबे समय से सड़क की बदहाली दूर न होना जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

अधिकारी मौन, जनता परेशान

क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि सड़क की समस्या को लेकर लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया जाता है, लेकिन फोन रिसीव न होने अथवा स्पष्ट जवाब नहीं मिलने से शिकायतें अनसुनी रह जाती हैं। लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत के नाम पर दावे तो खूब किए जाते हैं, लेकिन मौके पर हालात कुछ और ही कहानी बयां करते हैं।ग्रामीणों ने बताया कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। एक ग्रामीण ने तल्ख अंदाज में कहा कि “नेताओं और अधिकारियों से लड़ना आसान नहीं है, लेकिन सड़क पर चलते हुए अब डर जरूर लगता है कि पता नहीं कब दुर्घटना हो जाए।”स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मार्ग की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी सी स्थलीय निरीक्षण कर शीघ्र सड़क दुरुस्त कराने की मांग की है।

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