करोड़ों खर्च, फिर भी गांवों में गंदगी का साम्राज्य

अमेठी। ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद जिले के कई गांवों में गंदगी की तस्वीर नहीं बदली है। गलियों में कूड़े के ढेर, जाम नालियां और सार्वजनिक स्थानों पर फैली गंदगी ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। इससे स्वच्छता अभियान के दावों पर भी सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक गांवों से कूड़ा संग्रहण और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगभग 55.62 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके तहत खरीदी गई कूड़ा गाड़ियां कई स्थानों पर नियमित संचालन के बजाय पंचायत भवनों या प्रधानों के आवासों के आसपास खड़ी दिखाई दे रही हैं। नतीजतन गांवों से कूड़ा उठान की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई कर्मियों की तैनाती और संसाधनों की उपलब्धता के बावजूद नियमित सफाई नहीं हो रही। बरसात के मौसम में गंदगी और जलभराव से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। लोगों ने प्रशासन से स्वच्छता व्यवस्था की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई तथा कूड़ा गाड़ियों का नियमित संचालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।

Hot this week

आय-जाति-निवास पोर्टल ठप! मेधावी छात्राओं के स्कूटी आवेदन पर बड़ा संकट

जलालपुर अंबेडकर नगर। सरकार की मेधावी बालिका स्कूटी योजना...

शिव महापुराण कथा से पहले निकाली गई भव्य कलश यात्रा

रायबरेली के ऊंचाहार कलश यात्रा में पहुंचे एडीजी और...

भारी बारिश से तिल, उड़द और मूंग की फसल चौपट, किसानों ने मांगा मुआवजा

बांदा। जिले के जसपुरा विकासखंड के कई ग्राम पंचायत...

बदहाली की मार: सौ शैया अस्पताल में बेडों से चादरें गायब, घंटों अंधेरे में रहे मरीज

अव्यवस्थाओं से आक्रोशित सामाजिक संगठनों और किसान नेताओं ने...

Related Articles